आज के समय मे सोने का भाव उंची उडाणे भर रहा हैं | आज के समय मे सोने का भाव वहा हैं जहा कुच सलों पहिले हिरो मोती का हुआ करता था | आज के समय मे सोने का भाव इतना तेजी से बड रहा है की कुच कहो मत, गरिबोंके लिये तो अब सोना अब शृंगार का साधन ही नही हैं |
इस सोने के बडते भाव को लेकर कई सारे लोगोंके दिमाग में यह खयाल आया होगा की ये सोने का व्यापार करणे वाले ज्वेलर कैसे पैसा कमाते होंगे | कई सारे लोग इस बिझनेस को शुरू करने के बरेमे सोच रहे होंगे | तो अगर आप भी इस बिझिनेस को समजना चाहते हो तो इस आर्टिकल को सही तरीके से समज ने के लिये इस आर्टिकल को आखीर तक पडणा |
गोल्ड ज्वेलरी का बिझनेस कैसे काम करता है ? कैसे प्रॉफिट होता है?
गोल्ड के भाव हमेशा बदलते रहते हैं | इसलिये अगर आप सोच रहे होंगे की गोल्ड का बिझीनेस करने वाले जब सोने का भाव काम होता है तब एक ही बार सोना खरिदके रख लेते होंगे और जैसे जैसे सोने का भाव बढते जायेगा वैसे कमाई होती जाएगी | लेकीन वैसा नाही हैं | यह पर तो अलग ही होता हैं |
जोभी हम मार्केट मे से सोना खरिदते हैं वह सोना २४ कॅरेट का नाही होता | वह सोना २२ कॅरेट का होता हैं | और यह सोना १००% प्युअर नही होता | इस सोने मे थोडा मेटल मिलाया जाता है | मेटल्स के alloy को सोने के साथ मिश्रण बनाकर इस २२ कॅरेट सोने को बनाया जाता है | अगर बात की जाये इस की % प्यूरीटी की तो यह ९२% प्यूअर सोना होता है |
जोभी सोने का व्यापार करता हैं वह व्यापारी इस सोने को खरिदने के लिये - ९२% सोने का प्राईस + ४/५% सोने के डिझाईन और मनिफॅक्चरींग कॉस्ट + ३% GST इतना पैसा देकर सोने के गाहिनोन को खरिदता हैं | अगर हम इसका price calculate करे तो वो निकल के आयेगा ९९% और १००% | तो एक ज्वेलरी दुकानवला एक ज्वेलरी को खरीदकर
अगर बेचता हैं तो उसकी price उसे ९९% या फिर 100% देनी पडती हैं |
पर जब यह ज्वेलरीवाला आगे ज्वेलरी कस्टमर को बेचता हैं तो वह कुच इस तरीके से पैसे लेता हैं | ९२% सोने का प्राईस + १२% डिझायनिंग और मनुफॅक्चरींग कॉस्ट + ३% GST | इस तरीके से कोई भी ज्वेलरी शॉप वाला कस्टमर से पैसा निकालाता हैं | तो अगर बात की जाये की यह ज्वेलरी कस्टमर को कितने प्राईस मे मिली तो यह कस्टमर को १०७% को मिली |
तो अगर आप नोटीस करोगे तो आप को समज आगया होगा की एक जो भी ज्वेलरी शॉप होते हैं , उनमे से कई सारें शॉप वलोंके पास कोई ज्वेलरी डिझायनिंग या मनुफॅक्चरिंग का काम नाही किया जाता है | वो सिर्फ ज्वेलरी डिझायन को बेचते हैं | तो जादा तर ज्वेलरी बिझनेस को स्टार्ट करने के लिये आपको सिर्फ इंवेस्टमेंट करनी पडती हैं | अगर आपके पास डिझायनिंग की स्कील नही भी हैं तो आप यह बिझीनेस कर सकते हैं |
तो जो भी छोटे सोने के व्यापारी होते हैं वो सिर्फ अपना मनिफॅक्चरिंग का कॉस्ट बढाके अपना प्रॉफिट निकाल लेते हैं | जो बढे सोने के व्यापारी होते हैं ओ उन्हे ५% चार्ज करते हैं और बादमे यह छोटे व्यापारी १२ % कस्टमर से लेते हैं | इस तरीके से छोटे व्यापारी अपना मुनाफा निकाल लेते हैं | और ३ % का GST यह छोटे व्यापारी भर रहे हैं ओ उन्हे वापस मील जाता है |
इस तरीके स एक सोने का बिझीनेस काम करता हैं | उम्मिद करता हुं की आपको यह समज आगया होंगा | अगर कोई बात समज नाही आई तो comment कर देना |
